बांग्लादेश की आजादी के अवसर पर 56 साल बाद शुरू होगी ट्रेन सेवा
नई दिल्ली
जब बांग्लादेश अपनी आजादी का गोल्डेन जुबिली वर्ष मना रहा होगा, तब 56 साल बाद दोनों देशों के बीच कभी छोड़ दिए गए मार्ग पर दोबारा ट्रेन चलेगी। बांग्लादेश की आजादी के अवसर पर भारत और बांग्लादेश सरकार ने अगले महीने 26 मार्च से दोनों देशों के बीच एक पैसेंजर ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। यह ट्रेन सिलीगुड़ी के न्यू जलपाईगुड़ी से ढाका के बीच चलेगी। मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच चलने वाली यह तीसरी पैसेंजर ट्रेन होगी।
भारतीय और बांग्लादेशी रेलवे अधिकारियों के एक दल ने बुधवार शाम को घोषणा की कि उत्तर बंगाल में न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) और बांग्लादेश के ढाका के बीच द्वि-साप्ताहिक ट्रेनें 26 मार्च से शुरू होंगी। इससे पहले दो ट्रेनें चल रही हैं, एक पैसेंजर ट्रेन मैत्री एक्सप्रेस है, जो कोलकाता और ढाका के बीच और दूसरा बंधन एक्सप्रेस है, जो कोलकाता और खुलना के बीच चलती है।
भारत के कटिहार डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक रवींद्र कुमार वर्मा ने कहा कि बांग्लादेश के पकसे डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक मोहम्मद शाहिदुल इस्लाम के नेतृत्व में बांग्लादेश के रेलवे अधिकारियों की एक टीम, जो 22 फरवरी को सिलीगुड़ी आई थी, ने अपने भारतीय समकक्षों के साथ गहन चर्चा की और घटनाक्रम का जायजा लिया।
वर्मा और इस्लाम ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि न्यू जलपाईगुड़ी और ढाका के बीच 10 बोगी वाली नन-स्टॉप पैसेंजर ट्रेन 26 मार्च से बांग्लादेश के स्वतंत्रता दिवस पर कूचबिहार जिले के हल्दीबाड़ी से शुरू होगी। पिछले साल 17 दिसंबर को मालगाड़ियों के लिए 55 साल के अंतराल के बाद हल्दीबाड़ी-चिलता (बांग्लादेश में) ट्रेन मार्ग खोला गया था। न्यू जलपाईगुड़ी और ढाका के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें उसी मार्ग से जाएंगी।
बांग्लादेश के रेलवे अधिकारी इस्लाम ने कहा कि ट्रेन सेवाओं से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध में और सुधार होगा और दोनों देशों में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। बताया जा रहा है कि न्यू जलपाईगुड़ी और ढाका रेलवे स्टेशन पर कस्टम और इमिग्रेशन की सुविधा प्रदान की जाएगी।

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